Doha 1

श्रीगुरु चरन सरोजरज निज मनु मुकुरु सुधारि। बरनउँ रघुबर बिमल जसु जो दायकु फल चारि॥

श्री गुरुदेव के चरण-कमलों की धूल से अपने मन रूपी दर्पण को पवित्र करके, मैं श्री रघुवीर के निर्मल यश का वर्णन करता हूँ जो चारों फल देने वाला है।

Cleansing the mirror of my mind with the dust of my Guru's lotus feet, I describe the pure glory of Rama, bestower of the four fruits of life.

Doha 2

बुद्धिहीन तनु जानिके सुमिरौं पवन-कुमार। बल बुद्धि बिद्या देहु मोहिं हरहु कलेस बिकार॥

हे पवनकुमार! मैं अपने आपको बुद्धिहीन जानकर आपका स्मरण करता हूँ। मुझे बल, बुद्धि और विद्या दीजिए और मेरे क्लेश-विकार दूर कीजिए।

Knowing myself to be ignorant, I remember you, O Son of the Wind. Grant me strength, wisdom, and knowledge, and remove my afflictions.

1

जय हनुमान ज्ञान गुन सागर। जय कपीस तिहुँ लोक उजागर॥

ज्ञान और गुणों के सागर, श्री हनुमान की जय हो! हे कपीश्वर, तीनों लोकों को प्रकाशित करने वाले, आपकी जय हो!

Glory to Hanuman, ocean of wisdom and virtue. Glory to the Lord of Monkeys, illuminator of three worlds.

2

रामदूत अतुलित बल धामा। अंजनि-पुत्र पवनसुत नामा॥

आप राम के दूत हैं और अतुलनीय बल के धाम हैं। आप अंजनि के पुत्र हैं और पवनसुत के नाम से जाने जाते हैं।

Messenger of Rama, abode of matchless strength. Son of Anjani, known as Son of the Wind.

3

महाबीर बिक्रम बजरंगी। कुमति निवार सुमति के संगी॥

हे महावीर विक्रम बजरंगी! आप कुबुद्धि को दूर करते हैं और सुबुद्धि के साथी हैं।

Great hero, mighty Bajrangi. Dispeller of evil thoughts and companion of good sense.

4

कंचन बरन बिराज सुबेसा। कानन कुंडल कुंचित केसा॥

आपका शरीर सोने के समान कांतिमान है, सुंदर वस्त्र धारण किये हैं, कानों में कुंडल और घुंघराले बाल हैं।

Golden-hued body, beautifully adorned. Earrings in ears and curly hair.

5

हाथ बज्र और ध्वजा बिराजै। काँधे मूँज जनेऊ साजै॥

आपके हाथ में बज्र और ध्वजा विराजमान हैं तथा कंधे पर मूँज की जनेऊ सुशोभित है।

Thunderbolt mace and flag adorn your hands. Sacred thread of munja grass graces your shoulder.

6

शंकर सुवन केसरी नंदन। तेज प्रताप महा जग बंदन॥

आप शंकर के अवतार और केसरी के पुत्र हैं। आपके तेज और प्रताप की संसार में सब वंदना करते हैं।

Incarnation of Shiva, son of Kesari. Your radiance and valor are worshipped by the world.

7

विद्यावान गुनी अति चातुर। राम काज करिबे को आतुर॥

आप विद्वान, गुणवान और अत्यंत चतुर हैं। श्री राम का काम करने के लिए सदा तत्पर रहते हैं।

Learned, virtuous, and supremely clever. Ever eager to serve Rama's purpose.

8

प्रभु चरित्र सुनिबे को रसिया। राम लखन सीता मन बसिया॥

आप प्रभु के चरित्र सुनने के रसिया हैं। आपके मन में सदा राम, लक्ष्मण और सीता बसे हुए हैं।

Lover of hearing the Lord's tales. Rama, Lakshmana, and Sita dwell in your heart.

9

सूक्ष्म रूप धरि सियहिं दिखावा। बिकट रूप धरि लंक जरावा॥

आपने सूक्ष्म रूप धारण करके सीता को दर्शन दिए और विकट रूप धारण करके लंका को जलाया।

In tiny form you appeared before Sita. In fierce form you burned Lanka.

10

भीम रूप धरि असुर संहारे। रामचंद्र के काज सँवारे॥

आपने भयंकर रूप धारण करके राक्षसों का संहार किया और श्री रामचंद्र के सभी कार्य सँवारे।

In fearsome form you destroyed demons. You accomplished all of Rama's tasks.

11

लाय सजीवन लखन जियाये। श्रीरघुबीर हरषि उर लाये॥

आपने संजीवनी बूटी लाकर लक्ष्मण को जीवित किया। इससे प्रसन्न होकर श्री राम ने आपको हृदय से लगा लिया।

Bringing the Sanjeevani herb, you revived Lakshmana. Overjoyed, Rama embraced you.

12

रघुपति कीन्ही बहुत बड़ाई। तुम मम प्रिय भरतहि सम भाई॥

श्री रघुनाथ ने आपकी बहुत प्रशंसा की और कहा — तुम मेरे भरत जैसे प्रिय भाई हो।

Rama praised you greatly, saying: You are dear to me as my brother Bharata.

13

सहस बदन तुम्हरो जस गावैं। अस कहि श्रीपति कंठ लगावैं॥

सहस्रमुख शेषनाग आपका यश गाते हैं — ऐसा कहकर श्री राम ने आपको गले लगाया।

The thousand-headed Shesha sings your glory — saying this, Lord Rama embraced you.

14

सनकादिक ब्रह्मादि मुनीसा। नारद सारद सहित अहीसा॥

सनक आदि ब्रह्मादि मुनीश, नारद, सरस्वती और शेषनाग सब आपका गुणगान करते हैं।

Sanaka and other sages, Brahma and great saints, Narada, Saraswati, and Shesha all sing your praise.

15

जम कुबेर दिगपाल जहाँ ते। कबि कोबिद कहि सके कहाँ ते॥

यमराज, कुबेर और दिक्पाल जहाँ तक — कवि और विद्वान आपका पूरा वर्णन कहाँ तक कर सकते हैं।

Yama, Kubera, and the guardian deities — what poet or scholar can fully describe your glory?

16

तुम उपकार सुग्रीवहिं कीन्हा। राम मिलाय राज पद दीन्हा॥

आपने सुग्रीव पर उपकार किया — उन्हें राम से मिलाकर राजपद दिलाया।

You helped Sugriva — introducing him to Rama, you gave him his kingdom.

17

तुम्हरो मंत्र विभीषन माना। लंकेश्वर भए सब जग जाना॥

आपकी सलाह विभीषण ने मानी और वे लंकापति बन गए — यह सब जग जानता है।

Vibhishana heeded your counsel and became Lord of Lanka — the whole world knows this.

18

जुग सहस्र जोजन पर भानू। लील्यो ताहि मधुर फल जानू॥

सूर्य जो सहस्रों योजन दूर है, उसे आपने मीठा फल समझकर निगल लिया।

The sun, thousands of yojanas away — you swallowed it thinking it a sweet fruit.

19

प्रभु मुद्रिका मेलि मुख माहीं। जलधि लाँघि गये अचरज नाहीं॥

प्रभु की अँगूठी मुँह में रखकर आपने समुद्र लाँघ लिया — इसमें कोई आश्चर्य नहीं।

Placing the Lord's ring in your mouth, you leaped across the ocean — no surprise.

20

दुर्गम काज जगत के जेते। सुगम अनुग्रह तुम्हरे तेते॥

जगत में जितने भी दुर्गम कार्य हैं, वे सब आपकी कृपा से सुगम हो जाते हैं।

All the impossible tasks of the world become easy by your grace.

21

राम दुआरे तुम रखवारे। होत न आज्ञा बिनु पैसारे॥

आप राम के द्वार के रखवाले हैं। आपकी आज्ञा बिना कोई प्रवेश नहीं कर सकता।

You are the gatekeeper of Rama's door. None may enter without your permission.

22

सब सुख लहै तुम्हारी सरना। तुम रक्षक काहू को डर ना॥

आपकी शरण में सब सुख मिलते हैं। आप रक्षक हैं तो किसी का डर नहीं।

All happiness comes in your refuge. With you as protector, there is no fear.

23

आपन तेज सम्हारो आपै। तीनों लोक हाँक तें काँपै॥

अपने तेज को आप ही सम्हाल सकते हैं। आपकी हुँकार से तीनों लोक काँप उठते हैं।

Only you can contain your own radiance. All three worlds tremble at your roar.

24

भूत पिसाच निकट नहिं आवै। महाबीर जब नाम सुनावै॥

महावीर हनुमान का नाम सुनते ही भूत-पिशाच पास नहीं आते।

Evil spirits dare not come near when one chants the great hero's name.

25

नासै रोग हरै सब पीरा। जपत निरंतर हनुमत बीरा॥

वीर हनुमान का निरंतर जप करने से सब रोग नष्ट होते हैं और सब पीड़ा हर जाती है।

Diseases perish and all pain vanishes by constantly chanting brave Hanuman's name.

26

संकट तें हनुमान छुडावै। मन क्रम बचन ध्यान जो लावै॥

जो मन, कर्म और वचन से हनुमान का ध्यान करता है, उसे हनुमान सब संकटों से छुड़ाते हैं।

Hanuman frees from all troubles those who meditate on him in thought, deed, and word.

27

सब पर राम तपस्वी राजा। तिन के काज सकल तुम साजा॥

सबके ऊपर राम तपस्वी राजा हैं और उनके सब कार्य आपने सँवारे हैं।

Above all is Rama, the ascetic king. You accomplished all his tasks.

28

और मनोरथ जो कोई लावै। सोइ अमित जीवन फल पावै॥

और जो कोई भी मनोरथ लेकर आता है, वह अमित जीवन फल पाता है।

Whoever comes with any desire receives the boundless fruit of life.

29

चारों जुग परताप तुम्हारा। है परसिद्ध जगत उजियारा॥

चारों युगों में आपका प्रताप प्रसिद्ध है। आप जगत को प्रकाशित करते हैं।

Your glory spans all four ages. Your fame illuminates the world.

30

साधु-संत के तुम रखवारे। असुर निकंदन राम दुलारे॥

आप साधु-संतों के रक्षक और असुरों के विनाशक हैं। आप राम के दुलारे हैं।

Protector of saints and sages, destroyer of demons, beloved of Rama.

31

अष्ट सिद्धि नौ निधि के दाता। अस बर दीन जानकी माता॥

आप अष्ट सिद्धि और नौ निधि के दाता हैं — यह वरदान जानकी माता ने दिया है।

Bestower of eight siddhis and nine nidhis — this boon was given by Mother Janaki.

32

राम रसायन तुम्हरे पासा। सदा रहो रघुपति के दासा॥

राम-भक्ति का रसायन आपके पास है। आप सदा रघुपति के दास बने रहें।

You hold the elixir of Rama's devotion. May you ever remain Rama's servant.

33

तुम्हरे भजन राम को पावै। जनम-जनम के दुख बिसरावै॥

आपका भजन करने से राम की प्राप्ति होती है और जन्म-जन्म के दुख दूर होते हैं।

Through your worship one attains Rama and forgets the sorrows of many lifetimes.

34

अंत काल रघुबर पुर जाई। जहाँ जन्म हरि-भक्त कहाई॥

अंत समय में रघुनाथ के धाम को जाएँगे और जहाँ भी जन्म लेंगे, हरि-भक्त कहलाएँगे।

At life's end one goes to Rama's abode, and wherever born again, is known as Hari's devotee.

35

और देवता चित्त न धरई। हनुमत सेई सर्ब सुख करई॥

दूसरे किसी देवता को मन में न भी धारें, हनुमत की सेवा से सब सुख मिलते हैं।

Even without worshipping other deities, serving Hanuman brings all happiness.

36

संकट कटै मिटै सब पीरा। जो सुमिरै हनुमत बलबीरा॥

जो बलवीर हनुमान का स्मरण करता है, उसके सब संकट कटते हैं और सब पीड़ा मिटती है।

All troubles vanish and pain disappears for those who remember mighty Hanuman.

37

जय जय जय हनुमान गोसाईं। कृपा करहु गुरुदेव की नाईं॥

जय जय जय हनुमान गोसाईं! गुरुदेव की भाँति कृपा कीजिए।

Victory, victory, victory to Lord Hanuman! Bestow grace upon us like a Guru.

38

जो सत बार पाठ कर कोई। छूटहि बंदि महा सुख होई॥

जो सौ बार इसका पाठ करता है, वह बंधनों से छूट जाता है और महासुख पाता है।

Whoever recites this a hundred times is freed from bondage and attains great bliss.

39

जो यह पढ़ै हनुमान चालीसा। होय सिद्धि साखी गौरीसा॥

जो यह हनुमान चालीसा पढ़ेगा, उसे सिद्धि प्राप्त होगी — शिव-पार्वती इसके साक्षी हैं।

Whoever reads this Hanuman Chalisa attains perfection — Shiva and Parvati are witness.

40

तुलसीदास सदा हरि चेरा। कीजै नाथ हृदय महँ डेरा॥

तुलसीदास सदा हरि के दास हैं। हे नाथ, मेरे हृदय में निवास कीजिए।

Tulsidas, ever servant of Hari, prays: O Lord, make my heart your dwelling.

Doha 3

पवनतनय संकट हरन मंगल मूरति रूप। राम लखन सीता सहित हृदय बसहु सुर भूप॥

हे पवनपुत्र, संकट हरने वाले, मंगलमूर्ति स्वरूप! राम, लक्ष्मण और सीता सहित मेरे हृदय में निवास कीजिए, हे देवराज!

O Son of Wind, remover of troubles, embodiment of auspiciousness! Along with Rama, Lakshmana, and Sita, dwell in my heart, O King of Gods!