Adiyogi Arts
ServicesResearchBlogVideosGitaPrayersEnter App
Gita / Chapter 9.18
← PrevNext →
Sanskrit
Hindi
Sanskrit

गतिर्भर्ता प्रभुः साक्षी निवासः शरणं सुहृत् | प्रभवः प्रलयः स्थानं निधानं बीजमव्ययम्

Transliteration

gatirbhartā prabhuḥ sākṣī nivāsaḥ śaraṇaṃ suhṛt . prabhavaḥ pralayaḥ sthānaṃ nidhānaṃ bījamavyayam

English

(I am) the fruit of actions, the nourisher, the Lord, witness, abode, refuge, friend, origin, end, foundation, store and the imperishable seed.

Hindi

गति (लक्ष्य), भरण-पोषण करने वाला, प्रभु (स्वामी), साक्षी, निवास, शरणस्थान तथा मित्र और उत्पत्ति, प्रलयरूप तथा स्थान (आधार), निधान और अव्यय कारण भी मैं हूँ।।

Sanskrit
English
गतिः
the goal
भर्ता
the supporter
प्रभुः
the Lord
साक्षी
the witness
निवासः
the abode
शरणम्
the shelter
सुहृत्
the friend
प्रभवः
the origin
प्रलयः
the dissolution
स्थानम्
the foundation
निधानम्
the treasurehouse
बीजम्
the seed
अव्ययम्
imperishable.
Hindi

आत्मस्वरूप का वर्णन करने वाले प्रसंग का ही यहाँ विस्तार है। आत्मा अधिष्ठान है इस सम्पूर्ण दृश्यमान नानाविध जगत् का? जो हमें आत्मअज्ञान की दशा में प्रतीत हो रहा है। वास्तव में यह परम सत्य पर अध्यारोपित है। आत्मस्वरूप से तादात्म्य कर भगवान् श्रीकृष्ण स्वयं का वर्णन अनेक सांकेतिक शब्दों के द्वारा करते हैं। ऐसे इन सारगर्भित शब्दों से निर्मित मालारूपी यह एक अत्युत्तम श्लोक है? जिस पर सभी साधकों को मनन करना चाहिए।मैं गति हूँ पूर्णत्व के अनुभव में हमारी समस्त अपूर्णताएं नष्ट हो जाती हैं और उस