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Gita / Chapter 9.17
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Sanskrit
Hindi
Sanskrit

पिताहमस्य जगतो माता धाता पितामहः | वेद्यं पवित्रमोंकार ऋक्साम यजुरेव च

Transliteration

pitāhamasya jagato mātā dhātā pitāmahaḥ . vedyaṃ pavitramoṃkāra ṛksāma yajureva ca

English

Of this world I am the father, mother, ordainer, (and the), grand-father; I am the knowable, the sancitifier, the syllable Om as also Rk, Sama and Yajus.

Hindi

मैं ही इस जगत् का पिता, माता, धाता (धारण करने वाला) और पितामह हूँमैं वेद्य (जानने योग्य) वस्तु हूँ, पवित्र, ओंकार, ऋग्वेद, सामवेद और यजुर्वेद भी मैं ही हूँ।।

Sanskrit
English
पिता
father
अहम्
I
अस्य
of this
जगतः
world
माता
mother
धाता
the dispenser of the fruits of actions
पितामहः
grandfather
वेद्यम्
the (one) thing to be known
पवित्रम्
the purifier
ओंकारः
the Omkara
ऋक्
Rik
साम
Sama
यजुः
Yajus
एव
also
च
and.
Hindi

आत्मा कोई अस्पष्ट? अगोचर सत् तत्त्व नहीं कि जो भावरहित? संबंध रहित और गुण रहित हो। यह दर्शाने के लिए कि यही आत्मा ईश्वर के रूप में परम प्रेमस्वरूप है? परिच्छिन्न जगत् के साथ उसके सम्बन्धों को यहाँ दर्शाया गया है। मैं जगत् का पिता? माता? धाता और पितामह हूँ। माता? पिता और धाता इन तीनों से अभिप्राय यह है कि वह जगत् का एकमात्र कारण है और उसका कोई कारण नहीं है। यह तथ्य पितामह शब्द से दर्शाया गया है। परमात्मा स्वयं सिद्ध है।यहाँ विशेष बल देकर कहा गया है कि जानने योग्य एकमेव वस्तु (वेद्य) मैं