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Gita / Chapter 9.19
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Sanskrit
Hindi
Sanskrit

तपाम्यहमहं वर्षं निगृह्णाम्युत्सृजामि च | अमृतं चैव मृत्युश्च सदसच्चाहमर्जुन

Transliteration

tapāmyahamahaṃ varṣaṃ nigṛhṇāmyutsṛjāmi ca . amṛtaṃ caiva mṛtyuśca sadasaccāhamarjuna

English

O Arjuna, I give heat, I withhold and pour down rain. I am verily the nectar, and also death existence and nonexistence.

Hindi

हे अर्जुन ! मैं ही (सूर्य रूप में) तपता हूँ; मैं वर्षा का निग्रह और उत्सर्जन करता हूँ। मैं ही अमृत और मृत्यु एवं सत् और असत् हूँ।।

Sanskrit
English
तपामि
give heat
अहम्
I
अहम्
I
वर्षम्
rain
निगृह्णामि
withhold
उत्सृजामि
send forth
च
and
अमृतम्
immortality
च
and
एव
also
मृत्युः
death
च
and
सत्
existence
असत्
nonexistence
च
and
अहम्
I
अर्जुन
O Arjuna.
Hindi

मैं तपता हूँ विद्युत् का यह कहना उपयुक्त होगा कि वह उष्णक (हीटर) में उष्णता? बल्ब में प्रकाश और शीतक (फ्रीज) में शीतलता देती है क्योंकि इन उपकरणों के द्वारा विद्युत् ही उष्णता आदि के रूप में व्यक्त होती है। इसी प्रकार? एक सत्स्वरूप आत्मा दृश्य प्रकृति की एक वस्तु सूर्य के साथ तादात्म्य कर समस्त जगत् के लिए उष्णता का स्रोत बन जाता है।मैं वर्षा का निग्रह और उत्सर्जन करता हूँ ऐसी बात नहीं है कि केवल आधुनिक मौसम विज्ञान के विशेषज्ञों ने ही जगत् में जलवायु की स्थिति में सूर्य के प्रभाव को