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Gita / Chapter 8.16
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Sanskrit
Hindi
Sanskrit

आब्रह्मभुवनाल्लोकाः पुनरावर्तिनोऽर्जुन | मामुपेत्य तु कौन्तेय पुनर्जन्म न विद्यते

Transliteration

ābrahmabhuvanāllokāḥ punarāvartino.arjuna . māmupetya tu kaunteya punarjanma na vidyate

English

O Arjuna, all the worlds together with the world of Brahma are subject to return. But, O son of Kunti, there is no rirth after reaching Me.

Hindi

हे अर्जुन ! ब्रह्म लोक तक के सब लोग पुनरावर्ती स्वभाव वाले हैं। परन्तु, हे कौन्तेय ! मुझे प्राप्त होने पर पुनर्जन्म नहीं होता।।

Sanskrit
English
आब्रह्मभुवनात्
up to the world of Brahma
लोकाः
worlds
पुनरावर्तिनः
subject to return
अर्जुन
O Arjuna
माम्
Me
उपेत्य
having attained
तु
but
कौन्तेय
O Kaunteya
पुनर्जन्म
rirth
न
not
विद्यते
is.
Hindi

गीताचार्य श्रीकृष्ण की किसी सिद्धांत को बल देकर समझाने की अपनी विशेष पद्धति यह है कि वे उस सिद्धांत को उसके विरोधी तथ्य की पृष्ठभूमि में प्रस्तुत करते हैं। गीता में प्रायः इस पद्धति का उपयोग किया गया है। इस श्लोक में भी परस्पर दो विरोधी तथ्यों को एक साथ व्यक्त किया गया है जिससे कोई भी विद्यार्थी उन्हें तुलनात्मक दृष्टि से स्पष्ट समझ सकता है। प्रथम पंक्ति में कहा गया है कि ब्रह्मलोक तक के सब लोक पुनरावर्ती हैं। इसके विपरीत जो पुरुष आत्मा का साक्षात अनुभव करते हैं वे मुझे प्राप्त होकर पुन