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Gita / Chapter 3.24
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Sanskrit
Hindi
Sanskrit

उत्सीदेयुरिमे लोका न कुर्यां कर्म चेदहम् | सङ्करस्य च कर्ता स्यामुपहन्यामिमाः प्रजाः

Transliteration

utsīdeyurime lokā na kuryāṃ karma cedaham . saṅkarasya ca kartā syāmupahanyāmimāḥ prajāḥ

English

These worlds will be ruined if I do not perform action. And I shall become the agent of intermingling (of castes), and shall be destroying these beings.

Hindi

यदि मैं कर्म न करूँ, तो ये समस्त लोक नष्ट हो जायेंगे; और मैं वर्णसंकर का कर्ता तथा इस प्रजा का हनन करने वाला होऊँगा।।

Sanskrit
English
उत्सीदेयुः
would perish
इमे
these
लोकाः
worlds
न
not
कुर्याम्
would do
कर्म
action
चेत्
if
अहम्
I
सङ्करस्य
of confusion of castes
च
and
कर्ता
author
स्याम्
would be
उपहन्याम्
would destroy
प्रजाः
beings.
Hindi

ईश्वर के रूप में यदि मैं शासन न करूँ तो विश्व में उन्नति नहीं होगी और नियमबद्ध सृष्टि भी नष्ट हो जायेगी। विश्व कोई क्रमहीन रचना नहीं वरन् नियमबद्ध सृष्टि है। प्रकृति के नियम पालन में कहीं भी मर्यादा का उल्लंघन होता नहीं दिखाई देता।प्राकृतिक घटनायेंे ग्रहों की गति ऋतुओं का लयबद्ध नृत्य और सृष्टि का संगीत ये सब किसी महान् नियम के अनुसार चलते रहते हैं इसी को कहतेैं हैं प्रकृति और उसके नियामक ईश्वर की प्रबल शक्ति। इस ईश्वररूप में भगवान् के निष्क्रिय हो जाने पर ये लोक नष्ट हो जायेंगे। श्रीक