Adiyogi Arts
ServicesResearchBlogVideosGitaPrayersEnter App
Gita / Chapter 9.11
← PrevNext →
Sanskrit
Hindi
Sanskrit

अवजानन्ति मां मूढा मानुषीं तनुमाश्रितम् | परं भावमजानन्तो मम भूतमहेश्वरम्

Transliteration

avajānanti māṃ mūḍhā mānuṣīṃ tanumāśritam . paraṃ bhāvamajānanto mama bhūtamaheśvaram

English

Not knowing My supreme nature as the Lord of all beings, foolish people disregard Me who have taken a human body.

Hindi

समस्त भूतों के महान् ईश्वर रूप मेरे परम भाव को नहीं जानते हुए मूढ़ लोग मनुष्य शरीरधारी मुझ परमात्मा का अनादर करते हैं।।

Sanskrit
English
अवजानन्ति
disregard
माम्
Me
मूढाः
fools
मानुषीम्
human
तनुम्
form
आश्रितम्
assumed
परम्
higher
भावम्
state or nature
अजानन्तः
not knowing
मम
My
भूतमहेश्वरम्
the Great Lord of beings.
Hindi

सातवें अध्याय में ब्रह्म की परा और अपरा प्रकृति का वर्णन करते हुए भगवान् श्रीकृष्ण ने यह घोषित किया था कि मूढ़ लोग? मेरे अव्यय और परम भाव को नहीं जानते हैं और परमार्थत अव्यक्तस्वरूप मुझको व्यक्त मानते हैं।इस अध्याय में स्वयं को सबकी आत्मा बताते हुए श्रीकृष्ण पुन उसी कठोर शब्द मूढ़ का प्रयोग उन लोगों की निन्दा के लिए करते हैं? जो तत्त्व को छोड़कर केवल रूप को ही पकड़े रहते हैं। मेरे परम स्वरूप को नहीं जानते हुए मूढ़ लोग मुझे किसी देह विशेष में ही स्थित मानते हैं प्रतिमा को ही भगवान् मानना