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Gita / Chapter 7.19
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Sanskrit
Hindi
Sanskrit

बहूनां जन्मनामन्ते ज्ञानवान्मां प्रपद्यते | वासुदेवः सर्वमिति स महात्मा सुदुर्लभः

Transliteration

bahūnāṃ janmanāmante jñānavānmāṃ prapadyate . vāsudevaḥ sarvamiti sa mahātmā sudurlabhaḥ

English

At the end of many births the man of Knowledge attains Me, (realizing) that Vasudeva is all. Such a high-souled one is very rare.

Hindi

बहुत जन्मों के अन्त में (किसी एक जन्म विशेष में) ज्ञान को प्राप्त होकर कि ‘यह सब वासुदेव है’ ज्ञानी भक्त मुझे प्राप्त होता है; ऐसा महात्मा अति दुर्लभ है।।

Sanskrit
English
बहूनाम्
of many
जन्मनाम्
of births
अन्ते
in the end
ज्ञानवान्
the wise
माम्
to Me
प्रपद्यते
approaches
वासुदेवः
Vaasudeva
सर्वम्
all
इति
thus
सः
he
महात्मा
the great soul
सुदुर्लभः (is)
very hard to find.
Hindi

सर्वोच्च ज्ञान को प्राप्त हुए श्रेष्ठ महात्मा पुरुष जगत् में विरले ही होते हैं यह भगवान् श्रीकृष्ण का कथन है। हिन्दू धर्म के पतन काल में इस प्रकार के कथन को अत्यन्त निराशावादी माना जाने लगा। परन्तु थोड़े विचार से ही इस प्रकार के निष्कर्ष का दोष स्पष्ट हो जायेगा। सृष्टि में समस्त चेतन जीवों की तुलना में मानव की संख्या अत्यन्त कम अनुपात में है। मनुष्यजाति में भी सभी परिपक्व बुद्धि एवं उच्च भावनाओं से सम्पन्न नहीं होते हैं।अन्तकरण के श्रेष्ठ गुणों से सम्पन्न होने पर भी बहुत कम लोग हैं जो ग