Adiyogi Arts
ServicesResearchBlogVideosGitaPrayersEnter App
Gita / Chapter 2.34
← PrevNext →
Sanskrit
Hindi
Sanskrit

अकीर्तिं चापि भूतानि कथयिष्यन्ति तेऽव्ययाम् | सम्भावितस्य चाकीर्तिर्मरणादतिरिच्यते

Transliteration

akīrtiṃ cāpi bhūtāni kathayiṣyanti te.avyayām . sambhāvitasya cākīrtirmaraṇādatiricyate

English

People also will speak of your unending infamy. And to an honoured person infamy is worse than death.

Hindi

और सब लोग तुम्हारी बहुत काल तक रहने वाली अपकीर्ति को भी कहते रहेंगे;  और सम्मानित पुरुष के लिए अपकीर्ति मरण से भी अधिक होती है।।

Sanskrit
English
अकीर्तिम्
dishonour
च
and
अपि
also
भूतानि
beings
कथयिष्यन्ति
will tell
ते
thy
अव्ययाम्
everlasting
संभावितस्य
of the honoured
च
and
अकीर्तिः
dishonour
मरणात्
than death
अतिरिच्यते
exceeds.
Hindi

एक प्रसिद्ध सम्मानित वीर के लिए अपकीर्ति मरण से भी अधिक होती है। श्रीकृष्ण अर्जुन को दुविधा त्याग कर युद्ध में प्रवृत्त करने के लिए एक और तर्क प्रस्तुत करते हैं। अर्जुन का पक्ष धर्म और न्याय का होने पर भी उसका युद्ध से पलायन कायरता का लक्षण है। भगवान् के शब्दों में अर्जुन के प्रति सहानुभूति अन्तर्निहित है क्योंकि वे जानते हैं कि भावावेग में शूरवीर अर्जुन भी मन से दुर्बल होकर हतोत्साहित हो सकता है। आगे