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Gita / Chapter 16.8
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Sanskrit
Hindi
Sanskrit

असत्यमप्रतिष्ठं ते जगदाहुरनीश्वरम् | अपरस्परसम्भूतं किमन्यत्कामहैतुकम्

Transliteration

asatyamapratiṣṭhaṃ te jagadāhuranīśvaram . aparasparasambhūtaṃ kimanyatkāmahaitukam

English

They say that the world is unreal, it has no basis, it is without a God. It is born of mutual union brought about by passion! What other (cause can there be)?

Hindi

वे कहते हैं कि यह जगत् आश्रयरहित, असत्य और ईश्वर रहित है, यह (स्त्रीपुरुष के) परस्पर कामुक संबंध से ही उत्पन्न हुआ है, और (इसका कारण) क्या हो सकता है?

Sanskrit
English
असत्यम्
without truth
अप्रतिष्ठम्
without (moral) basis
ते
they
जगत्
the world
आहुः
say
अनीश्वरम्
without a God
अपरस्परसम्भूतम्
brought about by mutual union
किम्
what
अन्यत
else
कामहैतुकम्
with lust for its cause.
Hindi

आसुरी लोगों के वर्णन में हम ऐसे नितान्त संशयी और भौतिकवादी पुरुष को पहचान सकते हैं? जो जीवन की ओर केवल अपनी सीमित बुद्धि के दृष्टिकोण से ही देखता है। इसलिए? स्वाभाविक ही है कि वह न जीवन का कोई चरम लक्ष्य देख पाता है? और न ही इस अनित्य और परस्पर असंबद्ध प्रतीत होने वाली घटनाओं से पूर्ण जगत् का कोई नित्य अधिष्ठान स्वीकार कर पाता है। इन भौतिकवादियों की बुद्धि प्रखर होती है और वे स्वतन्त्र और मौलिक विचार करने में समर्थ होते हैं। इन लोगों को अल्प मार्गदर्शन की आवश्यकता होती है? जिससे कि वे अ