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Gita / Chapter 10.30
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Sanskrit
Hindi
Sanskrit

प्रह्लादश्चास्मि दैत्यानां कालः कलयतामहम् | मृगाणां च मृगेन्द्रोऽहं वैनतेयश्च पक्षिणाम्

Transliteration

prahlādaścāsmi daityānāṃ kālaḥ kalayatāmaham . mṛgāṇāṃ ca mṛgendro.ahaṃ vainateyaśca pakṣiṇām

English

Among demons I am Prahlada, and I am Time among reckoners of time. And among animals I am the loin, and among birds I am Garuda.

Hindi

मैं दैत्यों में प्रह्लाद और गणना करने वालों में काल हूँ, मैं ‘पशुओं’ में सिंह (मृगेन्द्र) और पक्षियों में गरुड़ हूँ।।

Sanskrit
English
प्रह्लादः
Prahlada
च
and
अस्मि (I)
am
दैत्यानाम्
among demons
कालः
time
कलयताम्
among reckoners
अहम्
I
मृगाणाम्
among beasts
च
and
मृगेन्द्रः
lion
अहम्
I
वैनतेयः
son of Vinata (Garuda)
च
and
पक्षिणाम्
among birds.
Hindi

मैं दैत्यों में प्रह्लाद हूँ हिन्दुओं में बालक भक्त प्रह्लाद की कथा अत्यन्त प्रसिद्ध है। प्रह्लाद हिरण्यकश्यिपु नामक दैत्य राजा का पुत्र था? जिसे भगवान् हरि में अटूट श्रद्धा और दृढ़ भक्ति थी। इसके लिए उसे ईश्वरद्वेषी हिरण्यकश्यिपु ने अनेक प्रकार की यातनाएं दीं? जिन सबको प्रह्लाद ने सहन किया? परन्तु भक्ति को नहीं त्यागा।मैं गणना करने वालों में काल हूँ भारत के दार्शनिकों में नैय्यायिकों का अपना विशेष स्थान है। वे सृष्टि की विविधता को सत्य स्वीकार करते हुए ईश्वर के अस्तित्व का निषेध करत