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Gita / Chapter 10.20
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Sanskrit
Hindi
Sanskrit

अहमात्मा गुडाकेश सर्वभूताशयस्थितः | अहमादिश्च मध्यं च भूतानामन्त एव च

Transliteration

ahamātmā guḍākeśa sarvabhūtāśayasthitaḥ . ahamādiśca madhyaṃ ca bhūtānāmanta eva ca

English

O Gudakesa, I am the Self residing in the hearts of all beings, and I am the beginning and the middle as also the end of (all) beings.

Hindi

हे गुडाकेश (निद्राजित्) ! मैं समस्त भूतों के हृदय में स्थित सबकी आत्मा हूँ तथा सम्पूर्ण भूतों का आदि, मध्य और अन्त भी मैं ही हूँ।।

Sanskrit
English
अहम्
I
आत्मा
the Self
गुडाकेश
O Gudakesa
सर्वभूताशयस्थितः
seated in the hearts of all beings
अहम्
I
आदिः
the beginning
च
and
मध्यम्
the middle
च
and
भूतानाम्
of (all) beings
अन्तः
the end
एव
even
च
and.
Hindi

भूतमात्र के हृदय में स्थित आत्मा मैं ही हूँ इस सामान्य कथन के साथ श्रीकृष्ण इस प्रकरण का प्रारम्भ करते हैं। वैज्ञानिक विचारपद्धति से शोधकार्य करने का एक सुप्रशिक्षित प्राध्यापक? अनुसंधान के अपने प्रिय विषय की चर्चा का प्रारम्भ एक संक्षिप्त व सारपूर्ण कथन के साथ करता है। तत्पश्चात् वह उस विषय का विस्तार से विचार करके युक्तियुक्त विवेचन के द्वारा अन्त में उसी प्रारम्भिक कथन के निष्कर्ष पर पहुँचता है। यहाँ पर भी हम देखेंगे कि इस अध्याय की समाप्ति पर भगवान् इसी विचार को और अधिक प्रभावशाली